दिल में हो आप तो कोई और ख़ास कैसे होगा ... यादों में आपके सिवा कोई पास कैसे होगा ... हिचकियां केहती है आप याद करते हो ... पर बोलोगे नहीं तो हमें अहसास कैसे होगा ??
शिकवे भी हजारों हैं, शिकायतें भी बहुत हैं, इस दिल को मगर उनसे मुहाब्बत भी बहुत है, ये भी है तम्मना की उनको दिल से भुला दें, इस दिल को मगर उनकी जरुरत भी बहुत है.